गैर राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली स्नातक पार्ट थर्ड की छात्रा खुशबू कुमारी ने रामगढ़ चौक प्रखंड से जिला परिषद का चुनाव जीतकर सबको चौंका दिया है। बड़े-बड़े राजनीतिक चेहरे के बीच एक अनजान एवं बिना राजनीति का कोई बड़ा चेहरा रहे खुशबू ने एकतरफा मुकाबले में निर्वतमान जिला पार्षद को 11 हजार 435 मतों से पराजित कर दिया। खुशबू के पिता सुभाष रजक रामगढ़ चौक प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय तेतरहट में शिक्षक के पद पर कार्य कर रहे हैं। वहीं खुशबू की जहां शादी तय है वहां भी राजनीति से कोई ताल्लुक नहीं रखते है।
खुशबू ने बताया कि दिसंबर महीने में उसकी शादी तय है, होने वाले ससुर बैंक प्रबंधक के पद से रिटायर हुए हैं। ससुर के इच्छा पर ही खुशबू जिला परिषद का चुनाव लड़ी और सीट पर कब्जा जमाई। खुशबु जमुई जिले के लोहण्डा स्थित श्रीएसके कॉलेज में बीए पार्ट थर्ड वर्ष की विद्यार्थी है। उसने जीत बाद एसडीएम संजय कुमार से प्रमाण पत्र लेने के बाद बोली कि मैं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को सार्थक बनाने के लिए सभी आवश्यक कार्य करूंगी। मेरा मकसद बेटियों को सशक्त बनाने के कार्य को करना है। कहा कि उसकी उम्र अभी मात्र 21 वर्ष है। लखीसराय जिला के अब तक के आए परिणाम में सबसे कम उम्र की जिला पार्षद बनने का गौरव खुशबू को प्राप्त हुआ है।
मधेपुरा / जिले में गुरुवार को यास तूफान के दस्तक के बाद लगातार रुक रुक हो रहे बारिश ने शहर का सूरत बिगाड़ कर रख दिया है. मुख्य मार्ग से लेकर गली गली में पानी लगा हुआ है जिससे भारी परेशानी का सामना करना पर रहा है. हर ओर केवल पानी ही पानी नजर आ रहा है. नियमित सापफ सफाई के अभाव में वर्षों से जाम पड़े नाला के कारण पानी निकासी में भी समस्या हो रही है. लगातार दो दिन से रुक रुक कर हो रही लगातार बारिश ने नगर परिषद और सरकार की लचर व्यवस्था का पोल खोलकर रख दिया है. एक तरफ जहां गली मुहल्ले तथा सरकारी कार्यालय परिसर नदी में तब्दील नजर आ रहा है, वहीं जिला मुख्यालय से गुजरने वाली एनएच 106 एवं 107 का निर्माण कार्य वर्षो से अबरुद्ध रहने के कारण बीच सड़क पर पानी जमा हो जाने से लोगों को आवागमन में भाड़ी परेशानी हो रही है।हैरत की बात तो यह है कि शहर से गुजरने बाली एनएच पर जमा पानी के लिए निर्माण एजेंसी के इंजीनियर मीमांसा तोमर जहां जिला प्रसाशन को दोषी और लापरवाह बता रहें हैं वहीं एनएच के सहायक अभियंता अनिल कुमार कह रहे हैं कि सिर्फ बिहार सरकार के अधिकारी और स्थानीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेस करते रहते हैं तो ...
मधेपुरा: मंगलवार को जिला मुख्यालय के राजकीयकृत केशव बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के परिसर में राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर सामाजिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक क्षेत्र में काम करने वाली संस्था सृजन दर्पण के कलाकारों ने 'आनंदी का संदेश' नामक नाटक का संदेशप्रद मंचन कियाा. नाटक में खासकर दिखाया गया कि शिक्षा के अभाव के कारण नायिका आनंदी में स्वास्थ्य और पोषण संबंधी गलत अवधारणाएँ बन जाती है. सहज ही अंधविश्वास और पाखंड के प्रति आस्था उत्पन्न हो जाती है. नवजात बच्चे की अशिक्षा के कारण असमय देहांत हो जाती है. विज्ञापन नाटक के दूसरे हिस्से में आनंदी बैन जब पति की प्रेरणा से पढ़ाई शुरू कर अंततः डाक्टर बनकर विदेश से आती है तो बहुत से महिलाओ का उद्घारक बनती है. एक अशिक्षित अबोध बालिका से सुशिक्षित डाक्टर तक का संधर्षपूर्ण सफ़र उनके जीवनगाथा को समस्त बालिका के लिए प्ररेणा बना देती है. कैसे शिक्षा अंधविश्वास और पाखंड के कुहासा भरे लोक को खत्म कर जीवन-जगत के ...
देवाशीष याादव। अपने नेत्रहीन माता-पिता की इकलौती संतान नौ माह के कृशु की दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल में कोविड-19 के कारण मौत हो गई जबकि उसका पिता एक अन्य अस्पताल में संक्रमण से जूझ रहा है। पूर्व भाजपा विधायक जितेंद्र सिंह 'शंटी' ने गुरुवा शाम को पुरानी सीमापुरी के एक शवदाहगृह में कृशु को दफनाया। दो दिनों में यह दूसरी बार है जब सिंह ने इतने छोटे बच्चे को दफनाया है। कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान 2,000 से अधिक अनजान लोगों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर चुके सिंह (59) ने बुधवार शाम को उसी जगह के पास पांच महीने की परी को दफनाया था जहां कृशु अब हमेशा के लिए सो गया है। कृशु के एक रिश्तेदार ने बताया कि वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था जो पूर्वी दिल्ली में दिलशाद गार्डन में रहते हैं। उन्होंने रोते हुए कहा कि दोनों माता-पिता नेत्रहीन हैं। रिश्तेदार ने बताया कि कृशु की मां करीब 18 दिन पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हुई थी और चूंकि उसने बच्चे को स्तनपान कराया था तो वह भी बीमार हो गया। कुछ दिनों पहले कृशु को गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां बृहस्पतिवार ...
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